उत्तर प्रदेश की बड़ी खबर: मुजफ्फरनगर के जज ने 123 दिनों में सुनाई 23वीं फांसी की सजा
लखनऊ/मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से न्यायपालिका से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। एक स्थानीय अदालत के जज ने 123 दिनों के भीतर 23वीं बार मौत की सजा सुनाई है। ताजा मामले में एक व्यक्ति को अपनी पत्नी को जिंदा जलाने के अपराध में दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड दिया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान जज रवि कुमार दिवाकर ने अपने आदेश में कथित धमकियों और दबाव का भी उल्लेख किया। रिपोर्ट के मुताबिक जज ने कहा कि उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक गैंगस्टर की ओर से धमकी दिए जाने का आरोप है। उन्होंने न्यायिक जिम्मेदारी और निष्पक्षता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि अपराधियों या बाहुबलियों के डर से न्यायिक व्यवस्था पर जनता का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
इस मामले को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जज ने अपने आदेश में कथित तौर पर केस फाइलों को हटाए जाने और न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप की आशंका से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाए हैं। यदि केस रिकॉर्ड से छेड़छाड़ या न्यायिक अधिकारी को प्रभावित करने के आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह न्यायिक स्वतंत्रता और अदालतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
इस बीच उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के 115 विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष फोकस बढ़ाया है और मई 2026 से अब तक 44 से अधिक जिलों का दौरा कर चुके हैं। इन क्षेत्रों में करीब ₹38,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया गया है।
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