काठमांडू, नेपाल: नेपाल में 26 अगस्त को हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर और चट्टानों के टूटने से आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। अचानक आई बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने कई गांवों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को प्रभावित किया है।
नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में 903 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4,000 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में खोज अभियान चला रहे हैं।
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कई जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में लोगों के फंसे होने की आशंका है। नेपाली सेना के साथ भारत और चीन की विशेषज्ञ टीमें भी बचाव कार्य में सहायता कर रही हैं।
भारी मलबे, खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी इलाकों के कारण राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं। अधिकारियों ने लोगों को प्रभावित और जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
बचाव अभियान जारी है और अधिकारियों का कहना है कि आपदा के वास्तविक नुकसान का पूरा आकलन करने में अभी समय लग सकता है।
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